थैलियम (Tl)
| परमाणु क्रमांक | 81 |
|---|---|
| परमाणु द्रव्यमान | 204.38 u |
| वर्ग | संक्रमणोत्तर धातु |
| इलेक्ट्रॉन विन्यास | [Xe] 4f¹⁴ 5d¹⁰ 6s² 6p¹ |
| रूप | चाँदी जैसा सफ़ेद |
| घनत्व (STP) | 11850 g/L |
| गलनांक | 577 K |
| क्वथनांक | 1746 K |
| विद्युत ऋणात्मकता | 1.62 (पॉलिंग) |
| आयनन ऊर्जा | 589.4 kJ/mol |
| परमाणु त्रिज्या | 190 pm |
| क्रिस्टल संरचना | सरल षट्कोणीय |
| खोजकर्ता | विलियम क्रुक्स (1861) |
संक्षिप्त परिचय
थैलियम (Tl) एक मुलायम, धूसर संक्रमणोत्तर धातु है जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं मिलती। पृथक करने पर यह टिन जैसी दिखती है, पर हवा के संपर्क में इसका रंग बदल जाता है। यह अत्यधिक विषैली है। थैलियम (Tl) के बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
उपयोग: इलेक्ट्रॉनिकी (प्रकाश-विद्युत सेल, अवरक्त संसूचक), कम गलनांक वाले काँच (लेंसों के लिए), थैलियम-आधारित उच्च-ताप अतिचालकों और चिकित्सा इमेजिंग (थैलियम-201 स्ट्रेस टेस्ट) में प्रयुक्त। ऐतिहासिक रूप से चूहे मारने के विष और चींटी-नाशक के रूप में प्रयुक्त (कई देशों में प्रतिबंधित)।
उत्पादन/निष्कर्षण: सीसा और जस्ता शोधन के उपोत्पाद के रूप में उत्पादित। केवल इसके लिए खनन नहीं किया जाता। प्रमुख उत्पादकों में चीन, कज़ाख़स्तान और रूस शामिल हैं।
इतिहास: 1861 में विलियम क्रुक्स ने स्पेक्ट्रमिकी द्वारा इसकी खोज की। इसकी चमकीली हरी उत्सर्जन रेखा के कारण इसका नाम यूनानी "thallos" (हरा अंकुर या टहनी) से रखा गया। 1862 में क्रुक्स और क्लॉद-ओगुस्त लामी ने इसे पृथक किया।
स्वास्थ्य प्रभाव और सुरक्षा: अत्यंत विषैला (स्वादहीन और गंधहीन होने के कारण ऐतिहासिक रूप से विष देने वालों का पसंदीदा)। बाल झड़ना (एलोपेसिया), तंत्रिका क्षति और मृत्यु का कारण बनता है। त्वचा से तेज़ी से अवशोषित होता है। कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल आवश्यक हैं।
मूल्य/बाज़ार: सीमित व्यावसायिक बाज़ार। कीमत परिवर्तनशील है और आपूर्तिकर्ताओं तथा उपभोक्ताओं के बीच सीधे तय होती है। माँग विशेष प्रकाशिकी और इलेक्ट्रॉनिकी से संचालित होती है।
गुणधर्म: बहुत मुलायम और आघातवर्धनीय (चाकू से काटा जा सकता है), तेज़ी से धूमिल होकर गहरे धूसर ऑक्साइड में बदल जाता है, विषैला, +1 और +3 ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाता है, और 304°C पर पिघलता है।