हीलियम (He)
| परमाणु क्रमांक | 2 |
|---|---|
| परमाणु द्रव्यमान | 4.0026022 u |
| वर्ग | उत्कृष्ट गैस |
| इलेक्ट्रॉन विन्यास | 1s² |
| रूप | रंगहीन गैस, जो उच्च वोल्टेज विद्युत क्षेत्र में रखने पर लाल-नारंगी चमक देती है |
| घनत्व (STP) | 0.1785 g/L |
| गलनांक | 0.95 K |
| क्वथनांक | 4.222 K |
| आयनन ऊर्जा | 2372.3 kJ/mol |
| परमाणु त्रिज्या | 31 pm |
| क्रिस्टल संरचना | फलक-केंद्रित घनीय |
| खोजकर्ता | पियरे जानसेन (1895) |
संक्षिप्त परिचय
हीलियम (He) एक रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन उत्कृष्ट गैस है और ब्रह्मांड में दूसरा सबसे प्रचुर तत्व है, यद्यपि पृथ्वी पर यह दुर्लभ है। यह रासायनिक रूप से निष्क्रिय है और सभी तत्वों में इसका क्वथनांक सबसे कम है। हीलियम (He) के बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
उपयोग: क्रायोजेनिक्स (MRI मशीनों और कण त्वरकों के अतिचालक चुंबकों को ठंडा करने) में, वेल्डिंग में सुरक्षात्मक वातावरण के रूप में, वायुपोतों और गुब्बारों में, तथा गोताखोरी के गैस मिश्रणों में प्रयुक्त।
उत्पादन/निष्कर्षण: प्राकृतिक गैस के भंडारों से (जहाँ यह यूरेनियम और थोरियम के रेडियोधर्मी क्षय से संचित होता है) प्रभाजी आसवन द्वारा निकाला जाता है। प्रमुख स्रोतों में संयुक्त राज्य अमेरिका, क़तर और अल्जीरिया शामिल हैं।
इतिहास: 1868 के एक सूर्यग्रहण के दौरान पियरे जानसेन और जोसेफ़ नॉर्मन लॉकयर ने इसे पहली बार सौर स्पेक्ट्रम में देखा और यूनानी सूर्य देवता हीलियोस के नाम पर इसका नाम रखा। पृथ्वी पर इसे पहली बार 1895 में विलियम रैमज़े ने पृथक किया।
स्वास्थ्य प्रभाव और सुरक्षा: विषैला नहीं और निष्क्रिय है, परंतु ऑक्सीजन को विस्थापित करके दम घुटने का कारण बन सकता है। हीलियम साँस में लेने से आवाज़ का सुर अस्थायी रूप से बदल जाता है, पर यदि ऑक्सीजन न मिले तो यह ख़तरनाक हो सकता है।
मूल्य/बाज़ार: इसे एक अनवीकरणीय संसाधन माना जाता है और भविष्य में इसकी कमी की चिंता है। आपूर्ति की सीमाओं और रणनीतिक भंडारों के घटने के कारण इसकी कीमत में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा है।
गुणधर्म: दूसरा सबसे हल्का तत्व, सामान्य दाब पर परम शून्य तक द्रव बना रहता है, अत्यंत कम अभिक्रियाशीलता (कोई स्थायी यौगिक नहीं), और उच्च ऊष्मीय चालकता।
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