सोडियम (Na)

परमाणु क्रमांक11
परमाणु द्रव्यमान22.989769282 u
वर्गक्षार धातु
इलेक्ट्रॉन विन्यास[Ne] 3s¹
रूपचाँदी जैसा सफ़ेद धात्विक
घनत्व (STP)968 g/L
गलनांक370.944 K
क्वथनांक1156.09 K
विद्युत ऋणात्मकता0.93 (पॉलिंग)
आयनन ऊर्जा495.8 kJ/mol
परमाणु त्रिज्या180 pm
क्रिस्टल संरचनाअंतःकेंद्रित घनीय
खोजकर्ताहम्फ़्री डेवी (1807)

संक्षिप्त परिचय

सोडियम (Na) एक मुलायम, चाँदी-सी सफ़ेद, अत्यधिक अभिक्रियाशील क्षार धातु है जिसे ऑक्सीकरण से बचाने के लिए तेल में रखना पड़ता है। यह पृथ्वी पर छठा सबसे प्रचुर तत्व है और जीवन के लिए आवश्यक है। सोडियम (Na) के बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

उपयोग: सोडियम वाष्प लैंपों (सड़क प्रकाश) में, परमाणु रिएक्टरों में ऊष्मा-स्थानांतरण माध्यम के रूप में, कार्बनिक संश्लेषण में अपचायक के रूप में, साबुन और डिटर्जेंट निर्माण में तथा नमक उत्पादन में प्रयुक्त। सोडियम यौगिक दैनिक जीवन में सर्वत्र मौजूद हैं।

उत्पादन/निष्कर्षण: गलित सोडियम क्लोराइड के विद्युत अपघटन (डाउन्स प्रक्रम) द्वारा उत्पादित। नमक (NaCl) समुद्री जल के वाष्पीकरण या हैलाइट भंडारों के खनन से प्राप्त होता है। अपनी अभिक्रियाशीलता के कारण सोडियम प्रकृति में कभी मुक्त अवस्था में नहीं मिलता।

इतिहास: 1807 में हम्फ्री डेवी ने कास्टिक सोडा (NaOH) के विद्युत अपघटन द्वारा इसे पहली बार पृथक किया। इसका नाम "सोडा" (सोडियम कार्बोनेट) से आया है, जो अरबी "सुव्वाद" (सॉल्टवर्ट पौधा) से निकला है। सोडियम यौगिकों का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है।

स्वास्थ्य प्रभाव और सुरक्षा: पानी के साथ प्रचंड अभिक्रिया करता है, जिससे हाइड्रोजन गैस और ऊष्मा उत्पन्न होती है (आग/विस्फोट का ख़तरा)। धात्विक सोडियम त्वचा के लिए संक्षारक है। सोडियम आयन (Na⁺) तंत्रिका संचरण, मांसपेशी संकुचन और द्रव संतुलन के लिए आवश्यक हैं, पर अत्यधिक नमक का सेवन उच्च रक्तचाप पैदा कर सकता है।

मूल्य/बाज़ार: प्रचुर कच्चे माल के कारण अपेक्षाकृत सस्ता। औद्योगिक माँग स्थिर है, जबकि विशेष अनुप्रयोगों में कीमत अधिक मिलती है।

गुणधर्म: अत्यंत मुलायम (चाकू से काटा जा सकता है), कम गलनांक (98°C), हवा में तुरंत धूमिल हो जाता है, पानी से तीव्र अभिक्रिया करता है, पानी पर तैरता है, और ज्वाला को विशिष्ट पीला-नारंगी रंग देता है।

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आवर्त सारणी