फ़र्मियम (Fm)
| परमाणु क्रमांक | 100 |
|---|---|
| परमाणु द्रव्यमान | 257 u |
| वर्ग | ऐक्टिनाइड |
| इलेक्ट्रॉन विन्यास | [Rn] 5f¹² 7s² |
| गलनांक | 1800 K |
| विद्युत ऋणात्मकता | 1.3 (पॉलिंग) |
| आयनन ऊर्जा | 627 kJ/mol |
| क्रिस्टल संरचना | फलक-केंद्रित घनीय (अनुमानित) |
| खोजकर्ता | लॉरेंस बर्कली राष्ट्रीय प्रयोगशाला (1952) |
संक्षिप्त परिचय
फ़र्मियम (Fm) एक रेडियोधर्मी ऐक्टिनाइड धातु है। यह उन सबसे भारी तत्वों में से एक है जिन्हें महत्वपूर्ण मात्रा में बनाया जा सकता है। फ़र्मियम (Fm) के बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
उपयोग: कोई व्यावहारिक अनुप्रयोग नहीं। केवल नाभिकीय गुणों के अध्ययन और भारी तत्वों के संश्लेषण हेतु वैज्ञानिक शोध में प्रयुक्त।
उत्पादन/निष्कर्षण: उच्च-फ़्लक्स नाभिकीय रिएक्टरों में हल्के ऐक्टिनाइडों पर न्यूट्रॉनों की बमबारी करके बनाया जाता है। केवल माइक्रोग्राम या उससे कम मात्रा में उत्पादित।
इतिहास: 1952 में पहले हाइड्रोजन बम परीक्षण (आइवी माइक) के मलबे में अल्बर्ट घियोर्सो और सहयोगियों ने इसकी खोज की। इसका नाम एनरिको फ़र्मी के नाम पर रखा गया।
स्वास्थ्य प्रभाव और सुरक्षा: अत्यधिक रेडियोधर्मी। इसे अत्यंत ख़तरनाक माना जाता है, हालाँकि दुर्लभता के कारण आँकड़े सीमित हैं। कड़ा परिरोधन आवश्यक है।
मूल्य/बाज़ार: व्यावसायिक रूप से उपलब्ध नहीं। केवल शोध उद्देश्यों के लिए बनाया जाता है।
गुणधर्म: रेडियोधर्मी, सबसे स्थायी समस्थानिक Fm-257 का अर्ध-आयु काल 100.5 दिन है, गलनांक लगभग 1527°C (अनुमानित)।