हाइड्रोजन (H)
| परमाणु क्रमांक | 1 |
|---|---|
| परमाणु द्रव्यमान | 1.008 u |
| वर्ग | द्विपरमाणुक अधातु |
| इलेक्ट्रॉन विन्यास | 1s¹ |
| रूप | रंगहीन गैस |
| घनत्व (STP) | 0.0899 g/L |
| गलनांक | 13.99 K |
| क्वथनांक | 20.271 K |
| विद्युत ऋणात्मकता | 2.2 (पॉलिंग) |
| आयनन ऊर्जा | 1312 kJ/mol |
| परमाणु त्रिज्या | 25 pm |
| क्रिस्टल संरचना | सरल षट्कोणीय |
| खोजकर्ता | हेनरी कैवेंडिश (1766) |
संक्षिप्त परिचय
हाइड्रोजन (H) ब्रह्मांड का सबसे हल्का और सबसे प्रचुर तत्व है, जो मानक परिस्थितियों में रंगहीन, गंधहीन द्विपरमाणुक गैस के रूप में पाया जाता है। यह अत्यधिक ज्वलनशील है और ऊर्जा, रासायनिक विनिर्माण तथा जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाइड्रोजन (H) के बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
उपयोग: अमोनिया उत्पादन (हेबर प्रक्रम), पेट्रोलियम शोधन, मेथनॉल संश्लेषण और हाइड्रोजन फ्यूल सेल में स्वच्छ ईंधन के रूप में व्यापक रूप से प्रयुक्त। वेल्डिंग में और धातुकर्म में अपचायक के रूप में भी उपयोग होता है।
उत्पादन/निष्कर्षण: मुख्यतः प्राकृतिक गैस के भाप मीथेन रिफ़ॉर्मिंग (SMR), जल के विद्युत अपघटन और औद्योगिक प्रक्रियाओं के उपोत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाले विद्युत अपघटन द्वारा ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन बढ़ रहा है।
इतिहास: 1766 में हेनरी कैवेंडिश ने इसे पहली बार एक अलग पदार्थ के रूप में पहचाना, हालाँकि इसे तत्व के रूप में मान्यता तब मिली जब 1783 में आंत्वान लावोआज़िए ने इसका नाम "हाइड्रोजन" (यूनानी में "जल-निर्माता") रखा।
स्वास्थ्य प्रभाव और सुरक्षा: विषैला नहीं, परंतु अत्यधिक ज्वलनशील है और हवा में मिलने पर (2-75% सांद्रता) विस्फोटक हो जाता है। बंद स्थानों में ऑक्सीजन को विस्थापित करके दम घुटने का कारण बन सकता है।
मूल्य/बाज़ार: कीमत उत्पादन विधि के अनुसार काफ़ी भिन्न होती है—ग्रे हाइड्रोजन (जीवाश्म ईंधनों से) सबसे सस्ता है, जबकि ग्रीन हाइड्रोजन महँगा है पर डीकार्बनाइज़ेशन प्रयासों के कारण इसका चलन बढ़ रहा है।
गुणधर्म: सभी तत्वों में सबसे कम घनत्व, लगभग अदृश्य ज्वाला के साथ जलता है, इसके तीन समस्थानिक हैं (प्रोटियम, ड्यूटेरियम, ट्रिटियम), और यह किसी भी अन्य तत्व से अधिक यौगिक बनाता है।